जानेवाला है आज कोई,जो पहलु मै था कभी!
ढलनेवाला है आज कोई , जो निगाहो मै था कभी !
लुटनेवाला है आज कोई , जो तारो मै था कभी !
मरणेवाला है आज कोई, जो शायद जनाजे मै भी था कभी …
याद भी जाये और वो आहट भी जाये,
ख्वाब भी जाये और उनकी शिकायत भी जाये,
जो बस गई थी काई बाते जहन मै,
उनकी नमी भी जाये,
आघोष मै बुने सपनो की,
वो हर एक मुलाकात भी कही खो जाये…
आंसू पी राहा है कोई, जो हसी बहाता था कभी,
सहमा खामोश है कोई , होसला बडाता था कभी,
अंधेरो मै खोया है आज कोई, जो चिराग जलाता था कभी ,
मरणेवाला है आज कोई, जो शायद जनाजे मै भी था कभी …
अपने भी जाये और उन्हे पाने की चाहते भी जाये,
साथ भी जाये और साथ समंदर से बंधी लहरे भी जाये ,
कूच साये भी जाये और उन्ह मै बसी थोडीसी जान भी जाये,
और पुरे हम जाये पर थोडे तुम भी जाये …
जानेवाला है आज कोई,जो पहलु मै था कभी!
ढलनेवाला है आज कोई , जो निगाहो मै था कभी !
लुटनेवाला है आज कोई , जो तारो मै था कभी !
मरणेवाला है आज कोई, जो शायद जनाजे मै भी था कभी …