Sunday, 19 January 2014

कुछ ऐसा सितम दिजीये …

रहनुमा बने हो आप,
तो फिर रहम किजीये,
नासूर जख्म रोये कभी, 
ऐसा भरम दिजिये,
तनहा रुह मजबूर रहे हर पल,
ऐसा करम किजिये,
और बहते आंसू बस लहू बन जाये कभी ,
कुछ ऐसा सितम दिजीये … 

रहनुमा बने हो आप,
तो फिर रहम किजीये

हम भी कर ले बगावत खुदा से जरा…

रेहमत हो थोडी खुदा की इधर,
तो हम भी जी ले जरा,
पलके उठावो थोडी इनायत मै इधर,
तो हम भी कर ले बगावत खुदा से जरा… 

आज भी सजते है मैखाने,
उनके प्यार मै,
आज भी जलते है पैमाने ,
उनके याद मै,
पर अकेले चलना है उही इन राहो पे,
तो क्यु शर्त करे एक दीदार का,
और अकेले खोना है उही इन फासलो पे,
तो क्यु चाहत करे फिर एक मुलाकात का…

ख्वाबो के इस खेल मै,
अजीब दुनिया के मेल मै,
रेहमत हो थोडी खुदा की इधर,
तो हम भी जी ले जरा,
पलके उठावो थोडी इनायत मै इधर,
तो हम भी कर ले बगावत खुदा से जरा…

ये इन्तकाम आपनो से मीला है …

दिल की बात क्यू करे हम,
जब एहसान गैरोसे मिला है,
हो गये है हम फना,
ये इन्तकाम आपनो से मीला है …  

Thursday, 9 January 2014

जानेवाला है आज कोई,जो पहलु मै था कभी!

जानेवाला है आज कोई,जो पहलु मै था कभी!
ढलनेवाला है आज कोई , जो निगाहो मै था कभी !
लुटनेवाला है आज कोई , जो तारो मै था कभी !
मरणेवाला है आज कोई, जो शायद जनाजे मै भी था कभी …

याद भी जाये और वो आहट भी जाये,
ख्वाब भी जाये और उनकी शिकायत भी जाये,
जो बस गई थी काई बाते जहन मै,
उनकी नमी भी जाये,
आघोष मै बुने सपनो की,
वो हर एक मुलाकात भी कही खो जाये…

आंसू पी राहा है कोई, जो हसी बहाता था कभी,
सहमा खामोश है कोई , होसला बडाता था कभी,
अंधेरो मै खोया है आज कोई, जो चिराग जलाता था कभी ,
मरणेवाला है आज कोई, जो शायद जनाजे मै भी था कभी …

अपने भी जाये और उन्हे पाने की चाहते भी जाये,
साथ भी जाये और साथ समंदर से बंधी लहरे भी जाये ,
कूच साये भी जाये और उन्ह मै बसी थोडीसी जान भी जाये,
और पुरे हम जाये पर थोडे तुम भी जाये …    

जानेवाला है आज कोई,जो पहलु मै था कभी!
ढलनेवाला है आज कोई , जो निगाहो मै था कभी !
लुटनेवाला है आज कोई , जो तारो मै था कभी !
मरणेवाला है आज कोई, जो शायद जनाजे मै भी था कभी …