आपके नैना!
जो समझा पार हुआ ना समझ गवार हुआ …
हरियाली बादल पवन पानी,
धरा सागर गगन वाणी,
आपके नैना!
स्वर्ग है राहत है,
सुकून है इनायत है,
आपके नैना!
सावन की शीत लहर,
रात की सुहानी सहर,
तालाब का फुल कमल,
सपनो का प्यारा महल,
आपके नैना!
भरोसे का लिखत साथ,
चाहत का मजबूत हाथ,
झरनेसा बहता हुआ,
हर तालाब से मिलता हुआ,
आपके नैना!
सांस और होष देते है,
पर्वत और घटा देते है,
सागर और लहर देते है,
तसवीर और दुनिया भी देते है,
आपके नैना!
आपके नैना!
जो समझा पार हुआ ना समझ गवार हुआ …
जो समझा पार हुआ ना समझ गवार हुआ …
हरियाली बादल पवन पानी,
धरा सागर गगन वाणी,
आपके नैना!
स्वर्ग है राहत है,
सुकून है इनायत है,
आपके नैना!
सावन की शीत लहर,
रात की सुहानी सहर,
तालाब का फुल कमल,
सपनो का प्यारा महल,
आपके नैना!
भरोसे का लिखत साथ,
चाहत का मजबूत हाथ,
झरनेसा बहता हुआ,
हर तालाब से मिलता हुआ,
आपके नैना!
सांस और होष देते है,
पर्वत और घटा देते है,
सागर और लहर देते है,
तसवीर और दुनिया भी देते है,
आपके नैना!
आपके नैना!
जो समझा पार हुआ ना समझ गवार हुआ …
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