कुछ बाते है ऐसी,
जो लबो पे नहीं आती,
महसूस होती है कमी हर पल,
पर शिकायत हो नहीं
बस एक ही आरजू है मेरे दिल की,
जो आज भी खुदा तक नहीं जति…
सांसो का चलना पहले भी था,
सोयी रात मैं जगना पहले भी था,
रंगो का उड़ना पलको से,
सपनो का साथ छोड़ना अरमानों से,
अपनी बदनामी का चर्चा,
तो पहले भी था,
कुछ वहम है ऐसा,
जो नज़रोंसे नहीं जाता,
महसूस होता है होश हर रोज ,
पर ये बेहोशीयो का पल नहीं जाता,
बस एक ही रास्ता नापा हैं मेरे दिल ने,
जो आज भी मंजिल तक नहीं जाता …
जो आज भी मंजिल तक नहीं जाता …
जो लबो पे नहीं आती,
महसूस होती है कमी हर पल,
पर शिकायत हो नहीं
बस एक ही आरजू है मेरे दिल की,
जो आज भी खुदा तक नहीं जति…
सांसो का चलना पहले भी था,
सोयी रात मैं जगना पहले भी था,
रंगो का उड़ना पलको से,
सपनो का साथ छोड़ना अरमानों से,
अपनी बदनामी का चर्चा,
तो पहले भी था,
कुछ वहम है ऐसा,
जो नज़रोंसे नहीं जाता,
महसूस होता है होश हर रोज ,
पर ये बेहोशीयो का पल नहीं जाता,
बस एक ही रास्ता नापा हैं मेरे दिल ने,
जो आज भी मंजिल तक नहीं जाता …
जो आज भी मंजिल तक नहीं जाता …
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