Tuesday, 24 December 2013

बस एक इबादत रहे, कोई खुदा नही … जाना वहा है…

बस एक इबादत रहे, कोई खुदा नही … जाना वहा है… 

बस एक अहसास रहे होश नही,
बस एक पल रहे उमीद नही ,
बस एक सुकून रहे आह्टे नही,
और एक आशिया रहे कोई काफिला नही! 
जाना वहा है… 

मंजिल से कभी राहे रुक्सत ना हो,
ख्वाबो से कभी पलके खाली ना हो ,
रातो से कभी दिन की शिकायत ना हो,
और शमा कि कभी परवाने से दूरिया ना हो!
जाना वहा है…

हवा भी मसरूफ रहे जमाने मै,
नाश भी चडता रहे हर एक पैमाने मै ,
चाहते भी बडती रहे सारे अफसानो मै,
और मस्ती उही हसती रहे हर एक अरमानो मै!
जाना वहा है…

बस एक खुशबू रहे फासले नही,
बस एक धडकन रहे कोई शिकायत नही,
बस एक रोशनी रहे अंधेरा नही,
और बस एक इबादत रहे कोई खुदा नही … जाना वहा है…
और बस एक इबादत रहे कोई खुदा नही … जाना वहा है…

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